भोटेकोशी बाढ़ः पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए पांच अरब की मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय से सिफारिश करने का निर्णय
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काठमांडू, 19 अगस्तः सरकार ने भोटेकोशी बाढ़ सहित ताजा मानसून बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी कर दी है।
काठमाडौँ, १९ असोजः सरकारले भोटेकोशी बाढीसहित पछिल्लो मनसुनजन्य बाढीका कारण प्रभावित क्षेत्रमा पुनःनिर्माण र पुनःस्थापनाका लागि रु पाँच खर्बभन्दा बढी आवश्यक भएको जनाएको छ ।
सिंहदरबारस्थित प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालयमा आज प्रधानमन्त्री वालेन्द्र शाहको अध्यक्षतामा बसेको विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन राष्ट्रिय परिषद्को २१औँ बैठकले विभिन्न मन्त्रालय र निकायहरूबाट प्राप्त ५०४ वटा योजना तथा कार्यक्रमका लागि रु पाँच खर्ब ५९ अर्ब १७ करोड ७२ लाख २७ हजार स्वीकृतिका लागि अर्थ मन्त्रालयमा सिफारिस गर्ने निर्णय गरेको हो ।
आर्थिक कार्यविधि तथा वित्तीय उत्तरदायित्व नियमावली, २०७७ बमोजिम स्वीकृत यी योजनाहरूका लागि अर्थ मन्त्रालयमार्फत स्रोत व्यवस्थापन गरिने छ । यसैगरी, लागत अनुमान नखुलेका र प्राथमिकीकरण हुन बाँकी आयोजनाहरूको विवरण प्राप्त भएपछि आवश्यक बजेट व्यवस्थाका लागि अर्थ मन्त्रालयमा सिफारिस गर्न राष्ट्रिय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरणलाई निर्देशन दिइएको प्रधानमन्त्रीको सचिवालयले जनाएको छ ।
बैठकमा प्रधानमन्त्री शाहले विपद् व्यवस्थापनको काम सङ्घ, प्रदेश र स्थानीय सरकारको समन्वयमा भइरहेको र अब पुनःनिर्माण र पुनःस्थापनाा पनि सोहीअनुसार गरिने बताउनुभयो । उक्त कार्यमा विपक्षी दल तथा नेपाली कांग्रेसका संसदीय दलका नेता भीष्मराज आङ्देम्बे र बागमती, गण्डकी, मधेस र कोशी प्रेदशका मुख्यमन्त्रीहरुले आफ्नो पूर्ण साथ रहेको उल्लेख गर्नुभयो ।
बैठकले भोटेकोशी–त्रिशूली बाढी तथा मनसुनजन्य विपद्का कारण भएको जनधनको क्षतिप्रति दुःख व्यक्त गर्दै सम्पूर्ण मृतकहरूप्रति भावपूर्ण श्रद्धाञ्जली र शोकसन्तप्त परिवारजनमा गहिरो समवेदना प्रकट गरेको छ । साथै, विषम परिस्थितिमा खोज, उद्धार, राहत तथा पुनःस्थापनामा खटिने सुरक्षाकर्मी, जनप्रतिनिधि, राष्ट्रसेवक, निजी क्षेत्र, स्वयंसेवक, सञ्चारकर्मीका साथै सहयोग पुर्याउने दातृराष्ट्र र विकास साझेदारहरूप्रति परिषद्ले उच्च प्रशंसा गर्दै हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन गरेको छ ।
परिषद्का सदस्य–सचिव तथा राष्ट्रिय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरणका कार्यकारी प्रमुख डा धर्मराज उप्रेतीका अनुसार बैठकले प्रभावित क्षेत्रमा अत्यावश्यक खोजसँगै पुनःनिर्माण र पुनःस्थापनाको कार्य तीव्र रुपमा अगाडि बढाउन सम्बन्धित निकायलाई निर्देशन दिने निर्णय गरेको छ । उहाँले जिल्ला सुरक्षा समिति, जिल्ला विपद् व्यवस्था समिति, राष्ट्रिय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरणको कार्यकारी समिति र स्थलगत अवलोकनसमेतको सिफारिसका आधारमा उक्त निर्णय जानकारी दिनुभयो ।
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