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গোরা

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रवींद्रनाथ टैगोर · 1924

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*गोरा * (बंगालीः गोरा) रवींद्रनाथ टैगोर का एक उपन्यास है, जो ब्रिटिश राज के दौरान 1880 के दशक में कलकत्ता (अब कोलकाता) पर आधारित है। यह लेखन के क्रम में पांचवां और टैगोर के बारह उपन्यासों में सबसे लंबा है। यह राजनीति और धर्म पर दार्शनिक बहस में समृद्ध है। अन्य विषयों में मुक्ति, सार्वभौमिकता, भाईचारा, लिंग, नारीवाद, जाति, वर्ग, परंपरा बनाम आधुनिकता, शहरी अभिजात वर्ग बनाम ग्रामीण किसान, औपनिवेशिक शासन, राष्ट्रवाद और ब्रह्म समाज शामिल हैं।

मुख्य तथ्य

पहला प्रकाशन
1924 ol
प्रकाशक
Kessinger Publishing, LLC ol
संस्करण
May 26, 2006 ol
भाषा
English ol
पृष्ठ
416 ol
ISBN-13
9781428621787 ol
ISBN-10
1428621784 ol
विषय
Bengali fiction, Fiction, Fiction, historical, general, Indian literature, history and criticism, Translations into English ol

स्रोत

  1. Open Library catalogue record
  2. Open Library edition record

अंतिम अपडेट · तथ्य जाँचे गए 1 नवंबर 2026

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"গোরা". DigiNepal. Last updated 2 October 2026. https://diginpl.com/books/ol-ol308963w?lang=hi. Retrieved 8 November 2026.

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